Wednesday, February 26, 2025

अंतर्द्वंद





 मैंने लोगों को समझने के क्रम में,


खुद को हर बार दुःख और अंतर्द्वंद से जूझते पाया है।




तुम किसी से मिलना तो

किसी से मिलो तो ऐसे मिलना की जैसे पहली बार नहीं तीसरी – चौथी बार मिल रहे हो, ऐसे मिलना की उसे लगे कि हम क्या सच में पहली बार ही मिल रहे हैं!...