Friday, January 9, 2026

तुम किसी से मिलना तो

किसी से मिलो तो ऐसे मिलना की जैसे पहली बार नहीं तीसरी – चौथी बार मिल रहे हो,

ऐसे मिलना की उसे लगे कि हम क्या सच में पहली बार ही मिल रहे हैं!

तुम्हारा किसी से मिलना महज़ मिलना हो सकता है पर किसी के लिए वह ताउम्र भर ठहर जाने वाली खुशी हो सकती है,

किसी से मिलना तो इतनी ताज़गी, गर्मजोशी से मिलना कि, तुम्हारा मिलना, मिलना भर न रह जाए

किसी से मिलना तो पीछे का सब पीछे छोड़कर मिलना ताकि नए का स्वागत कर सको,

तुम किसी से मिलना तो ऐसे मिलना की उम्र भर साथ रह जाओ, कुछ यादों में, कुछ बातों में तो कुछ मुलाक़ातों में।


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तुम किसी से मिलना तो

किसी से मिलो तो ऐसे मिलना की जैसे पहली बार नहीं तीसरी – चौथी बार मिल रहे हो, ऐसे मिलना की उसे लगे कि हम क्या सच में पहली बार ही मिल रहे हैं!...