Saturday, March 29, 2025

जहां सारा शहर अपना था और तुम अजनबी थे …



कभी सारा शहर अपना था और तुम अजनबी थे..

तुम अपने हुए तो शहर अजनबी हो गया..

अब, ना तुम अपने हो ना शहर अपना है..

उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से ज़िंदगी ,

जहां सारा शहर अपना था और तुम अजनबी थे …

🖊️आशुतोष राणा 

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तुम किसी से मिलना तो

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