Wednesday, March 5, 2025

"पत्तों का झड़ना"


पेड़ों से पत्तों का झड़ना,

पुनः नई कोंपलों का फूटना,

उन कोंपलों का शाखा बनना ,

शाखाओं का तरु बन जाना

इस बात का संकेत है कि प्रकृति निरंतर सृजनशील है।


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तुम किसी से मिलना तो

किसी से मिलो तो ऐसे मिलना की जैसे पहली बार नहीं तीसरी – चौथी बार मिल रहे हो, ऐसे मिलना की उसे लगे कि हम क्या सच में पहली बार ही मिल रहे हैं!...