Friday, January 24, 2025

सुख

चुप रहना, शांत बैठना,


इस चिंता से मुक्त होकर


कि हम कुछ सोच रहे हैं


यह भी एक सुख है!


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तुम किसी से मिलना तो

किसी से मिलो तो ऐसे मिलना की जैसे पहली बार नहीं तीसरी – चौथी बार मिल रहे हो, ऐसे मिलना की उसे लगे कि हम क्या सच में पहली बार ही मिल रहे हैं!...